नई दिल्ली: दिल्ली प्रोटेस्ट को लेकर आज दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि क्यों सीजेपी के प्रोटेस्ट को लेकर अनुमति नहीं दी गई थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली पुलिस की DCP और PRO नेहा यादव ने दिल्ली पुलिस का पक्ष रखा और सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके का वो वीडियो भी जारी किया, जिसमें पुलिसकर्मी उन्हें मदद की पेशकश करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
अभिजीत दिपके के वीडियो में क्या दिखा?
दिल्ली पुलिस की DCP नेहा यादव ने बताया, "दिल्ली पुलिस को जैसे ही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके की दादी के निधन की खबर मिली तो पुलिस अधिकारी खुद यह दुखद समाचार देने और यथासंभव मदद देने के लिए अभिजीत दिपके के पास पहुंचे थे। अधिकारियों ने पूरी संवेदनशीलता के साथ अभिजीत से पूछा कि क्या उन्हें
फ्लाइट, फोन कॉल या किसी और चीज में मदद की जरूरत है? अधिकारियों ने ये भी पूछा कि क्या वह अपने माता-पिता से बात करना चाहते हैं, लेकिन अभिजीत दिपके ने मना कर दिया।"
सीजेपी ने दिल्ली पुलिस की गलत छवि पेश की: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने साफ कहा, "CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस तथ्य को गलत तरीके से चित्रित किया गया है। सीजेपी ने दिल्ली पुलिस की गलत छवि पेश की। जैसे ही दिल्ली पुलिस के पास अभिजीत की दादी के निधन की खबर पहुंची उनसे संपर्क साधा गया। फ्लाइट, कॉल उन्हें जो जरूरत हो उन्हें बताने की कोशिश की गई।"
दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रोटेस्ट को लेकर क्या कहा?
DCP PRO नेहा यादव ने कहा, "CJP को पिछली बार परमिशन दी गई थी तब इन्होंने कानून को फॉलो नहीं किया और इनके द्वारा जुटाई गई भीड़ द्वारा भारी पथराव, आगजनी, हिंसा की गई तथा सरकारी संपत्तियों का भारी नुकसान भी पहुंचाया। इन मामलों तथा वर्तमान में सुरक्षा व कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जंतर मंतर पर प्रस्तावित धरना प्रदर्शनी की अनुमति नहीं दी गई थी।"
DCP PRO नेहा यादव ने कहा, "दिल्ली की सुरक्षा एवं नागरिकों के जान-माल के बचाव हेतु दिल्ली के कई क्षेत्रों में धारा 163 BNSS लगाई गई। जिसके तहत किसी भी तरह के जमावड़े एवं प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। इसलिए अभिजीत दिपके और उनके दो साथियों को कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर मंतर पर दिए गए विरोध प्रदर्शन के कॉल के मद्देनजर 10 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था क्योंकि उक्त प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी।"
इससे पहले खबर सामने आई थी कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कोर्ट ने छोड़ दिया है लेकिन मजिस्ट्रेट ने उन्हें सशर्त रिहाई दी है।
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